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जम्मू-कश्मीर प्रशासन में बड़ा फेरबदल, 49 IAS-JKAS अधिकारियों के तबादले

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) के अधिकारियों समेत कुल 49 अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को मौजूदा पदों से मुक्त कर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वरिष्ठ IAS अधिकारी शालीन काबरा से जुड़ा है। सरकार ने उन्हें राजस्व विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे पहले यह जिम्मेदारी कुमार राजीव रंजन के पास थी, जिन्हें अब इस अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
शालीन काबरा पहले की तरह जल शक्ति विभाग में फाइनेंशियल कमिश्नर यानी एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। इसके अलावा वह राजस्व विभाग के वित्तीय आयुक्त के पद पर भी कार्यरत रहेंगे। सरकार ने उन्हें एस्टेट्स विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी जारी रखने को कहा है।
इस तरह शालीन काबरा के पास एक साथ कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रहेगी। जल शक्ति विभाग, राजस्व और एस्टेट्स विभाग प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन विभागों में नीतिगत फैसलों, वित्तीय प्रबंधन और विभागीय समन्वय की बड़ी जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों पर रहती है।
सरकार द्वारा जारी स्थानांतरण आदेशों में IAS और JKAS दोनों सेवाओं के अधिकारियों को शामिल किया गया है। कई अधिकारियों को नए विभागों में भेजा गया है, जबकि कुछ को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और विभिन्न विभागों में कामकाज को सुचारु रखने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया गया है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन में समय-समय पर अधिकारियों के तबादले और जिम्मेदारियों में बदलाव किए जाते रहे हैं। इस बार एक साथ 49 अधिकारियों के स्थानांतरण और नई तैनाती को बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को बिना देरी अपने नए पदों और विभागों की जिम्मेदारी संभालनी होगी। प्रशासनिक विभागों को भी निर्देश के अनुसार कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
राजस्व विभाग जम्मू-कश्मीर प्रशासन के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल है। भूमि रिकॉर्ड, राजस्व प्रशासन, भूमि संबंधी मामलों और विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में इस विभाग की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में शालीन काबरा को इसका प्रशासनिक सचिव बनाए जाने को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना जा रहा है।
इसके अलावा वह राजस्व विभाग के वित्तीय आयुक्त के तौर पर पहले से काम कर रहे हैं। अब प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त प्रभार मिलने से विभाग के शीर्ष प्रशासनिक और वित्तीय स्तर पर समन्वय और मजबूत होने की उम्मीद है।
जल शक्ति विभाग में भी शालीन काबरा फाइनेंशियल कमिश्नर के रूप में बने रहेंगे। यह विभाग पेयजल आपूर्ति, जल संसाधनों और विभिन्न जल परियोजनाओं से जुड़ा हुआ है। राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जल आपूर्ति से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
एस्टेट्स विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहेगा। यह विभाग सरकारी आवास, सरकारी इमारतों और प्रशासनिक परिसंपत्तियों से संबंधित मामलों को देखता है।
कुमार राजीव रंजन को राजस्व विभाग के प्रशासनिक सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किए जाने के बाद उनकी अन्य जिम्मेदारियां पूर्ववत रहेंगी। सरकार ने केवल अतिरिक्त प्रभार में बदलाव किया है।
49 अधिकारियों के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां पुनः निर्धारित की गई हैं। इससे कई विभागों में लंबे समय से खाली या अतिरिक्त प्रभार वाली जिम्मेदारियों को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब संबंधित अधिकारी अपने-अपने नए विभागों में कार्यभार संभालेंगे। कई अधिकारियों के लिए यह नई जिम्मेदारी होगी, जबकि कुछ को पहले से संभाले जा रहे विभागों के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
सरकार की ओर से तबादला आदेश जारी होने के बाद सचिवालय और जिला प्रशासन स्तर पर भी कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों को अपने पुराने विभाग से जरूरी फाइलों और मामलों का हस्तांतरण पूरा करना होगा।
इस तरह के प्रशासनिक बदलावों का उद्देश्य आमतौर पर विभागों में बेहतर समन्वय, जवाबदेही और कामकाज की गति बढ़ाना होता है। अलग-अलग विभागों में अधिकारियों की तैनाती उनके अनुभव और प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर की जाती है।
जम्मू-कश्मीर में विकास योजनाओं, राजस्व मामलों, बुनियादी ढांचे और जनसेवा से जुड़े विभागों में अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में वरिष्ठ स्तर पर किया गया यह फेरबदल आगामी प्रशासनिक कामकाज पर भी असर डाल सकता है।
सरकार ने साफ किया है कि सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इसलिए स्थानांतरित अधिकारियों को जल्द से जल्द अपनी नई जिम्मेदारी संभालनी होगी और संबंधित विभागों में कार्यभार ग्रहण करना होगा।
इस फेरबदल में IAS और JKAS अधिकारियों को शामिल किए जाने से साफ है कि बदलाव केवल सचिवालय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक ढांचे के विभिन्न स्तरों को छूता है।
फिलहाल सबसे प्रमुख बदलाव शालीन काबरा को राजस्व विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने का है। वह जल शक्ति विभाग के फाइनेंशियल कमिश्नर, राजस्व विभाग के वित्तीय आयुक्त और एस्टेट्स विभाग के प्रशासनिक सचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालते रहेंगे।
कुल मिलाकर 49 अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश के साथ जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव किया है। अब नए पदों पर अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद विभिन्न विभागों में कामकाज की नई व्यवस्था प्रभावी होगी।





